तेरे सिवा कोई à¤ी नाम पसंन्द नही दिल को, कुछ इस तरह से कब्जा किया है अदाओं ने त…
प्रà¤ु चरित्र सुनिबे को रसिया । राम लखन सीता मन बसिया ॥८॥ सूक्ष्म रूप धरि सि…
श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल च…
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